Description
बच्चों के चहुँमुखी विकास के लिए कहानियों की उपयोगिता सदा से रही है । छोटी-छोटी कहानियाँ बच्चों में ज्ञान और नीतियों के बीज बोती हैं तथा बालकों को अच्छे-बुरे, अपने-पराए का बोध कहानियों के माध्यम से हो जाता है । बच्चों के व्यक्तित्व विकास एवं संस्कारों के बीजारोपण का सबसे सशक्त माध्यम कहानियों को माना जाता है । पहले ये कार्य दादी-नानी के द्वारा सहज होता रहता था, परंतु पाश्चात्य प्रभाव और समया भाव के कारण इस विधा की ओर लोगों ने ध्यान देना बंद कर दिया है । युग निर्माण योजना ने सचित्र बाल-कहानियाँ प्रकाशित कर बच्चों को भरपूर मनोरंजन, मार्गदर्शन एवं प्रेरणा देने का कार्य अपने हाथ में लिया है ।
कहानियों के माध्यम से उपदेशात्मक सूत्रों की व्याख्या भारत की प्राचीन कला है। कहानियों के द्वारा पारमार्थिक एवं लौकिक शिक्षा सरलता से दी जा सकती है। इस पुस्तक में स्वामी श्री रामसुखदास जी महाराज के प्रवचनों से संकलित तत्त्व-ज्ञानकी प्रेरणास्रोत 32 कहानियों का सुन्दर संग्रह है।
Additional information
| Weight | 0.2 kg |
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