Description
श्री जयदयाल गोयंडका द्वारा लिखित इस छोटी सी पुस्तक को प्रस्तुत करते हुए मुझे अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। हमारे पाठकों के हाथों में आप सभी को एक आध्यात्मिक विचारक, मार्गदर्शक और एक महान आत्मा व्यक्ति के रूप में जाना जाता है। यह पुस्तक श्री गोयंदका द्वारा रचित हैं और समय-समय पर दिए गए उनके व्याख्यानों से संकलित हैं।
उनकी सामाजिक और आध्यात्मिक उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए गीताप्रेस ने इस पुस्तक को जनहित में सामाजिक-धार्मिक प्रयास के रूप में प्रकाशित किया है। सभी पाठकों से सादर अनुरोध है कि इस पुस्तक का अध्ययन करें और सामग्री के विचारोत्तेजक अर्थ को समझें और इसे अपने जीवन में लागू करें। मुझे विश्वास है कि यह उनके आध्यात्मिक लाभ के लिए अनुकूल होगा ।
Additional information
| Weight | 0.3 kg |
|---|









Reviews
There are no reviews yet.