Description
(प्रथम भाग) में यज्ञारम्भ से लेकर यज्ञ-समाप्ति तक प्रयोगों में आने वाले सभी मन्त्र दिए गए हैं। (द्वितीय भाग) में नौ विभिन्न देवी देवताओं यथा विष्णु शिव, हनुमत् गणेश, दुर्गा, सूर्य, राम, गायत्री, लक्ष्मी आदि की स्वाहाकार विधि दी गई है जिससे इस ग्रन्थ की उपयोगिता बढ़ गई है। (तृतीय भाग ) में महारूद्रादि अनेक यज्ञों के न्यास, विनियोग और विभिन्न देवी देवताओं की गायत्री भी दी गई है। (चतुर्थ भाग) में जल यात्रा विधि, वर्धिन कलश स्थापना विधि, यज्ञ मण्डप वर्द्धिनी कलश स्थापना विधि, सूर्याध्य विधि वरुण मण्डल उद्धार विधि, अवमृथ स्नान विधि एवं विष्णुयज्ञ वृहत संकल्प आदि दिया गया है जिससे याज्ञिकों और यज्ञ में सम्मिलित होने वाले ब्राह्मणों को विशेष लाभ होगा।
Additional information
| Weight | 0.2 kg |
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