Description
‘अपात्र को भी भगवत्प्राप्ति’ जीवन्मुक्त तत्त्वज्ञ भगवत्प्रेमी ब्रह्मलीन परमश्रद्धेय श्री जयदयालजी गोयन्दका के बारह प्रवचनों का संग्रह है, जिनमें ग्यारह प्रवचन कैसटों से लिये गये हैं। श्रद्धालुओं के निरन्तर आग्रह के बाद उनके प्रवचनों के प्रकाशन का सुयोग बन पाया हैं।
Additional information
| Weight | 0.2 kg |
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